
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार को येलो अलर्ट के बीच कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। मंडी जिले के चौंतड़ा क्षेत्र में महज एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। ऐहजू, मोहनघाटी, सुकाबाग, चौंतड़ा और घट्टा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगह नाले में तब्दील हो गया। ऐहजू में हाईवे किनारे स्थित कई होटल और रेस्तरां में बारिश का पानी घुस गया।
सिरमौर जिले में गिरी नदी का जलस्तर बढ़ने पर जटौन बैराज के गेट नंबर-4 से पानी छोड़ा गया। वहीं, कुल्लू जिले की गाड़ापारली और देहुरीधार पंचायत में लगातार हो रही बारिश और जमीन धंसने से दो मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। सैंज घाटी के करैहला गांव में भी एक मकान को नुकसान पहुंचा है।
शिमला में दिनभर बूंदाबांदी होती रही, जबकि कांगड़ा में सुबह और दोपहर बाद बारिश हुई। खराब मौसम के चलते दिल्ली से धर्मशाला आने वाली स्पाइसजेट की उड़ान रद्द करनी पड़ी। मंडी के घट्टा क्षेत्र में सड़क पर पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
सिरमौर में बारिश और भूस्खलन के कारण तीन सड़कें बंद हो गई हैं। नाहन-कुमारहट्टी राष्ट्रीय राजमार्ग-907ए पर कई स्थानों पर पत्थर गिरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, चंबा जिला मुख्यालय में दिनभर उमस और तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। हमीरपुर में सुबह बारिश के बाद मौसम साफ रहा, जबकि शाम को फिर हल्की बारिश हुई। कुल्लू के मनाली, बंजार और बाह्य सराज में भी सुबह और शाम के समय तेज बारिश हुई।
मौसम विभाग ने 8 अगस्त तक पूरे प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इस दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना है। 3 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, चंबा और सिरमौर जिलों के लिए विशेष येलो अलर्ट जारी किया गया है।
उधर, ऊना जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक रहा। वहीं मंडी में 33.8, बिलासपुर में 33.5, सुंदरनगर में 33.3, कांगड़ा में 30.8, चंबा में 30.5, धर्मशाला में 29.1 और शिमला में 22.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।