
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश का असर बुधवार को भी कई जिलों में देखने को मिला। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 26 अगस्त 2026 सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 98 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा पांच बिजली ट्रांसफॉर्मर और 20 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
सड़क बंद होने के मामलों में मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां कुल 49 सड़कें बंद हैं। इनमें सिराज उपमंडल की 33 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा सुंदरनगर में एक, धर्मपुर में एक, सरकाघाट में तीन, पधर में चार, थलौट में चार और गोहर में तीन सड़कें प्रभावित हैं।
वहीं कुल्लू में 23 सड़कें बंद हैं। इनमें कुल्लू उपमंडल की नौ, मनाली की एक, बंजार की दो, आनी की पांच और निरमंड की छह सड़कें शामिल हैं।
इसके अलावा कांगड़ा में सात, सिरमौर में छह, चंबा में पांच, ऊना में चार, शिमला में तीन और लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है। बिलासपुर, हमीरपुर, किन्नौर और सोलन में फिलहाल किसी सड़क के बंद होने की सूचना नहीं है।
बारिश के कारण प्रदेश में पांच बिजली ट्रांसफॉर्मर यानी DTR प्रभावित हैं। इनमें कांगड़ा के तीन, चंबा का एक और शिमला का एक ट्रांसफॉर्मर शामिल है।
पेयजल आपूर्ति पर भी मानसून का असर पड़ा है। प्रदेश में कुल 20 पेयजल योजनाएं बाधित हैं। इनमें सबसे ज्यादा 17 योजनाएं शिमला में प्रभावित हैं, जबकि कांगड़ा की एक योजना भी बाधित बताई गई है।
राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की 25 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट के मुताबिक 30 जून से 25 अगस्त 2026 के बीच मानसून से प्रदेश को कुल 1,16,897.20 लाख रुपये यानी करीब 1,168.97 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
जिलावार नुकसान की बात करें तो कांगड़ा में करीब 358.64 लाख, चंबा में 267.60 लाख, शिमला में 234.65 लाख, किन्नौर में 192.70 लाख, मंडी में 189.82 लाख और सिरमौर में 189.45 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।
मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में विभिन्न आपदाओं के कारण 98 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, सांप के काटने और पेड़ या चट्टान से गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
सबसे ज्यादा मौतें कांगड़ा में 16, लाहौल-स्पीति में 14, सिरमौर में 14, चंबा में 13 और शिमला में 12 दर्ज हुई हैं।
इसके अलावा मानसून अवधि में सड़क हादसों में 139 लोगों की मौत हो चुकी है। बारिश और भूस्खलन के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाओं को बहाल करने का काम लगातार जारी है।