
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। शनिवार को राजधानी शिमला में झमाझम बारिश हुई, जबकि कई जिलों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाओं ने जनजीवन प्रभावित किया। कुमारसैन में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं धर्मशाला के चरान खड्ड पुल के पास भूस्खलन की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवक घायल हो गए। इनमें से एक को गंभीर हालत में टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
शिमला जिले के कुमारसैन क्षेत्र की कोटीघाट पंचायत के रोपा वार्ड में शुक्रवार रात भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ। मलबा और चट्टानें गिरने से स्थानीय निवासी रामानंद का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उनका परिवार बेघर हो गया। वहीं बागवान ज्योतिराम के 35 सेब के पौधे नष्ट हो गए और अन्य बागवानों के बगीचों को भी नुकसान पहुंचा।
रामपुर बुशहर के डंसा क्षेत्र में सुंडा-सनेई सड़क पर फिर भूस्खलन हुआ। इस दौरान पत्थरों की चपेट में आने से एक बैल की मौत हो गई, जबकि एक पिकअप वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि वाहन में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।
उधर, शिमला में लगातार बारिश के बीच मुख्यमंत्री आवास ओकओवर के समीप तीन पेड़ गिर गए। समय रहते राहगीरों के हट जाने से बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटाया, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
मौसम विभाग ने प्रदेश में 7 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को कांगड़ा और मंडी, जबकि सोमवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
20 जून से 1 अगस्त तक प्रदेश में 345 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 366 मिलीमीटर मानी जाती है। इस तरह मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 6 फीसदी कम वर्षा हुई है। हालांकि शिमला, कुल्लू, चंबा और किन्नौर जैसे जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
शिमला – 36 मिमी
धर्मशाला – 27 मिमी
चंबा – 26 मिमी
मंडी – 22 मिमी
कांगड़ा – 16 मिमी
नाहन – 9 मिमी