
शिमला: हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन के दौरान अकेले यात्रा करने वाली महिला पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष पहल शुरू की है। हिमाचल पुलिस ने सोलो महिला ट्रैवलर्स, छात्राओं और पर्यटकों से 112 इंडिया ऐप का इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, पहाड़ी और दूरदराज के पर्यटन स्थलों पर यह ऐप आपात स्थिति में काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
112 इंडिया ऐप में मौजूद 'ट्रैक मी' फीचर अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए अहम सुरक्षा सुविधा है। यात्रा शुरू करने से पहले महिला इस फीचर को सक्रिय कर अपनी यात्रा की अनुमानित अवधि तय कर सकती है।
यदि तय समय के भीतर यात्रा पूरी नहीं होती है तो आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली अलर्ट जारी कर सकती है। इसके बाद पुलिस उपलब्ध लोकेशन के आधार पर यात्री से संपर्क कर जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता भेज सकती है।
ऐप का SOS पैनिक बटन किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद लेने की सुविधा देता है। SOS सक्रिय होते ही महिला की लाइव GPS लोकेशन राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र और नजदीकी पुलिस नियंत्रण कक्ष तक पहुंच सकती है।
इससे अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर खोजकर फोन करने की जरूरत नहीं रहती और पुलिस को लोकेशन की जानकारी मिलने के बाद तेजी से सहायता पहुंचाने में मदद मिलती है।
112 इंडिया ऐप में 'शाउट' फीचर भी उपलब्ध है। इसे सक्रिय करने पर पुलिस के साथ-साथ आसपास मौजूद पंजीकृत स्वयंसेवकों तक भी अलर्ट पहुंच सकता है। ऐसे में पुलिस टीम के पहुंचने से पहले नजदीकी व्यक्ति भी जरूरतमंद महिला की मदद के लिए आगे आ सकता है।
वहीं साइलेंट इमरजेंसी अलर्ट के जरिए बिना आवाज किए भी SOS संदेश और सटीक लोकेशन पुलिस तक भेजी जा सकती है।
ऐप में परिवार या दोस्तों के मोबाइल नंबर पहले से दर्ज किए जा सकते हैं। आपात स्थिति में SOS सक्रिय होने पर संबंधित परिजनों को भी लोकेशन लिंक प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा ऐप के माध्यम से एंबुलेंस, अग्निशमन सेवा और अन्य आपदा प्रबंधन सेवाओं तक भी सहायता के लिए पहुंच बनाई जा सकती है।
हिमाचल पुलिस के डीजीपी अशोक तिवारी ने सोलो महिला यात्रियों, छात्राओं और पर्यटकों से हिमाचल की यात्रा के दौरान 112 इंडिया ऐप का उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह ऐप आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ परिजनों को भी तत्काल जानकारी देकर सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान करता है।
खासकर दूरदराज के पहाड़ी पर्यटन स्थलों, लंबे सफर, सुनसान सड़कों और सीमित मोबाइल नेटवर्क वाले क्षेत्रों में पहले से सुरक्षा व्यवस्था तैयार रखना महिला यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।