
पीड़ित बालक राम की शिकायत पर त्यूणी थाने में केस दर्ज, बेटियों को कांग्रेस में शामिल करने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप
देहरादून। उत्तराखंड के चकराता विधानसभा क्षेत्र में वायरल ऑडियो मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पीड़ित बालक राम की शिकायत पर पुलिस ने चकराता विधायक प्रीतम सिंह के भाई एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों पर गाली-गलौज करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, त्यूणी क्षेत्र के छुमरी निवासी बालक राम ने आरोप लगाया कि उन्हें फोन कॉल के माध्यम से परेशान किया गया और उनकी दोनों बेटियों को कांग्रेस में शामिल करने के लिए दबाव बनाया गया। पीड़ित ने आरोपियों पर गाली-गलौज करने और मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
मामले को लेकर पीड़ित ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और अन्य भाजपा नेताओं के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोभाल को प्रार्थनापत्र सौंपा था। शिकायत पर एसएसपी ने नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। इसके बाद त्यूणी थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित की बेटी से की बात
मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पीड़ित बालक राम की बेटी से फोन पर बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने उसे सहयोग का भरोसा दिलाया था। इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
बालक राम ऊर्जा निगम में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब वायरल ऑडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।