
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिटकॉइन में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी देहरादून निवासी हेमंत ईश्वर शर्मा की 8.54 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच कर दी हैं। इससे पहले भी ईडी उसकी 4.56 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। आरोपी फिलहाल सुद्धोवाला जेल में बंद है।
ईडी के अनुसार, हेमंत ईश्वर शर्मा ने BTCFund.is नामक आइसलैंड में पंजीकृत वेबसाइट के जरिए लोगों से बिटकॉइन में निवेश करवाया। उसने निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच दिया और दावा किया कि कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हैं, जिससे लोगों ने उस पर भरोसा कर बड़ी संख्या में निवेश किया।
हालांकि, जब बड़ी मात्रा में बिटकॉइन जुटा लिए गए तो आरोपी ने अचानक वेबसाइट बंद कर दी और निवेशकों का करोड़ों रुपये का धन फंस गया।
ईडी की ब्लॉकचेन जांच में करीब 856.23 बिटकॉइन, जिनकी मौजूदा कीमत लगभग 200 करोड़ रुपये आंकी गई है, अपराध से अर्जित संपत्ति के रूप में सामने आए हैं। जांच में पता चला कि इन बिटकॉइनों को विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग कर अचल संपत्तियां, लग्जरी वाहन खरीदने और आलीशान मकान के नवीनीकरण में इस्तेमाल किया गया।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि हेमंत शर्मा के पास इस फर्जी निवेश योजना के अलावा आय का कोई वैध स्रोत नहीं था। इसके बावजूद उसने देहरादून के पॉश इलाके में एक आलीशान बंगला, दो BMW कारें और करोड़ों रुपये की अन्य संपत्तियां खरीद लीं।
इस मामले में ईडी ने 20 मई को अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने 13 जुलाई को संज्ञान लिया। मामले की आगे की जांच जारी है।