
सितारगंज। सितारगंज तहसील परिसर में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के बाद शुरू हुआ गतिरोध पूरी रात जारी रहा। कर्मचारी संगठनों के विरोध के चलते विजिलेंस टीम को रातभर तहसील परिसर में ही रुकना पड़ा। देर रात तक विजिलेंस अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी तरह का समाधान नहीं निकल सका।
वार्ता विफल रहने के बाद विजिलेंस टीम पूरी रात तहसील परिसर में ही मौजूद रही। इस दौरान जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर मामले का समाधान निकालने की उम्मीद थी, लेकिन देर रात तक जिले का कोई वरिष्ठ अधिकारी तहसील परिसर नहीं पहुंचा। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही।
विजिलेंस ट्रैप में गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा के परिजन भी देर रात तहसील परिसर पहुंचे। मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा ने भी घटनाक्रम की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से बातचीत की।
विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। राजस्व कर्मचारी संयुक्त परिषद समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताई है।
कर्मचारी संगठनों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राजस्व वसूली की नियमित और वैधानिक प्रक्रिया को रिश्वतखोरी का मामला बताकर कर्मचारियों की छवि धूमिल की जा रही है। संगठनों का आरोप है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच किए बिना कार्रवाई होने से कर्मचारियों में भारी रोष है।
राजस्व कर्मचारियों ने अब प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से प्रदेश की तहसीलों में नामांतरण, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्र, भू-अभिलेख, राजस्व वसूली समेत अन्य राजस्व सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में यदि गतिरोध जल्द खत्म नहीं हुआ तो आम लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल, सितारगंज तहसील परिसर में विजिलेंस कार्रवाई और कर्मचारी संगठनों के विरोध के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। अब सभी की नजरें प्रशासन और शासन की ओर हैं कि इस विवाद का समाधान किस तरह निकाला जाता है।