
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग ने सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों और उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशकों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 20 अगस्त से विधानसभा सत्र समाप्त होने तक बिना पूर्व अनुमति कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अवकाश या सरकारी दौरे पर नहीं जाएगा।
प्रदेश विधानसभा का 14वीं विधानसभा का 12वां मानसून सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रस्तावित है। इस दौरान विधानसभा से जुड़े प्रश्नों, सूचनाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां या सरकारी दौरे पहले से स्वीकृत हैं, उन्हें भी निरस्त माना जाएगा। केवल विशेष या आपातकालीन परिस्थितियों में ही निदेशक की पूर्व अनुमति से अवकाश या दौरे की मंजूरी दी जाएगी।
विभाग ने सभी अधिकारियों को मानसून सत्र के दौरान मुख्यालय में उपस्थित रहने और विधानसभा से संबंधित सभी सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक सरकारी कॉलेज और कार्यालय में विधानसभा कार्यों के लिए कम से कम दो वरिष्ठ अधिकारियों को नामित करने को कहा गया है।
आदेशों में यह भी कहा गया है कि कार्यालयों के लैंडलाइन और अधिकारियों के मोबाइल फोन हर समय चालू रहें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों की ड्यूटी सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक लगाई जा सकती है। प्रशासनिक आवश्यकता होने पर रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा सत्र के दौरान सभी संबंधित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।