
शिमला और सोलन के 30 किलोमीटर के दायरे में मिलेगी होम बेस्ड पैलिएटिव केयर सुविधा, 8448191580 हेल्पलाइन पर करना होगा संपर्क
शिमला। हिमाचल प्रदेश में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के असहनीय दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला ने मरीजों को घरद्वार पर उपचार उपलब्ध करवाने की विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत शिमला और सोलन में आईजीएमसी से 30 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बिस्तर से उठने में असमर्थ मरीजों को घर पर ही पैलिएटिव केयर की सुविधा मिलेगी।
आईजीएमसी के पेन एंड पैलिएटिव केयर विभाग ने कैनस्पॉट और सिपला पैलिएटिव फाउंडेशन के सहयोग से यह सेवा शुरू की है। मरीज या उनके परिजन हेल्पलाइन नंबर 8448191580 पर संपर्क कर सकते हैं। सूचना मिलने के बाद विभाग की विशेष टीम मरीज के घर पहुंचेगी और उसकी स्थिति के अनुसार दर्द से राहत देने के लिए उपचार उपलब्ध करवाएगी।
इस सेवा के लिए विभाग ने दो होम बेस्ड पैलिएटिव केयर टीमें गठित की हैं। प्रत्येक टीम में एक चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स और एक काउंसलर शामिल हैं। इससे उन मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें गंभीर दर्द या शारीरिक असमर्थता के कारण अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी होती है। साथ ही परिजनों को भी मरीज को अस्पताल ले जाने की भागदौड़ से राहत मिलेगी।
विभाग के प्रोफेसर डॉ. विनय सोम्या ने बताया कि मरीजों को असहनीय दर्द से राहत दिलाने के उद्देश्य से यह सुविधा शुरू की गई है। वहीं, टर्शरी कैंसर सेंटर के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष गुप्ता ने बताया कि आईजीएमसी और सोलन के 30 किलोमीटर के दायरे में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
मरीज आईजीएमसी के टर्शरी कैंसर सेंटर की ओपीडी के कमरा नंबर पांच में भी चिकित्सकीय परामर्श ले सकते हैं। विभाग के अनुसार, शिमला और सोलन में यह प्रयोग सफल रहने पर प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी ऐसी सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।