
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया, प्रधानाचार्य ने कर्मचारी के जवाब को नहीं माना संतोषजनक, उच्च शिक्षा उपनिदेशक को भेजी रिपोर्ट
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के मैहला शिक्षा खंड के एक सरकारी स्कूल में छात्रा के साथ कथित जातिगत भेदभाव और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि स्कूल के शौचालय की टाइलें साफ करने से इनकार करने पर स्कूल में तैनात मल्टी टास्क वर्कर ने उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद सामने आया, जिसमें छात्रा ने अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और जातिगत टिप्पणी को लेकर शिकायत की थी। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है और अब विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रधानाचार्य ने जारी किया था कारण बताओ नोटिस
मामले को लेकर स्कूल के प्रधानाचार्य ने संबंधित मल्टी टास्क वर्कर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हालांकि, कर्मचारी की ओर से दिए गए जवाब से प्रधानाचार्य संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट उच्च शिक्षा उपनिदेशक को भेज दी है। प्रधानाचार्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कर्मचारी ने अपने जवाब में घटनाक्रम रविवार का बताया है, जबकि रविवार को स्कूल में अवकाश रहता है। इसके अलावा कर्मचारी ने अपनी गलती भी स्वीकार नहीं की है।
विद्यार्थियों से सफाई करवाने के भी आरोप
इस मामले में वीडियो बनाने वाली महिला ने स्कूल में मल्टी टास्क वर्कर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। महिला का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी स्कूल में हाजिरी लगाने के बाद घर चले जाते हैं और विद्यार्थियों पर सफाई कार्य करने का दबाव बनाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की भी जांच होना बाकी है। वहीं, प्रधानाचार्य ने संबंधित कर्मचारी और उसके रिश्तेदारों पर धमकाने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत देने की बात कही है।
जांच कमेटी करेगी पूरे मामले की पड़ताल
उच्च शिक्षा उपनिदेशक विकास महाजन ने बताया कि प्रधानाचार्य की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। जांच कमेटी पूरे घटनाक्रम और छात्रा की शिकायत से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि छात्रा के साथ कथित जातिगत भेदभाव और दुर्व्यवहार के आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामले ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, सम्मान और स्कूल कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।