
शिमला के अपर मल्याणा स्थित वर्मा अपार्टमेंट्स से जुड़े तीन मामलों में फैसला, प्रत्येक आवंटी को स्वीकृत नक्शे के अनुसार पार्किंग देने के आदेश
शिमला। हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने चौपाल से भाजपा विधायक बलबीर सिंह वर्मा की कंस्ट्रक्शन कंपनी पर कवर्ड पार्किंग उपलब्ध न करवाने के मामले में छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। शिमला के अपर मल्याणा स्थित वर्मा अपार्टमेंट्स से जुड़े तीन मामलों में रेरा ने कंपनी को प्रत्येक आवंटी को स्वीकृत नक्शे के अनुसार कवर्ड पार्किंग उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए कंपनी को 60 दिन का समय दिया गया है।
रेरा अध्यक्ष आरडी धीमान और सदस्य विदुर मेहता की पीठ ने मंगलवार को तीनों मामलों में यह फैसला सुनाया। जानकारी के अनुसार वैभव गुप्ता, संजय कुमार और उमेश वालिया ने वर्ष 2016 में पांच-पांच लाख रुपये अग्रिम देकर 1200 वर्ग फीट के तीन बीएचके फ्लैट बुक करवाए थे। तीनों आवंटियों ने शिकायत में आरोप लगाया कि समझौते और एग्रीमेंट के तहत उन्हें भवन के बाहर सेटबैक क्षेत्र में पार्किंग उपलब्ध करवाई गई थी।
पार्किंग स्लॉट से हटाई गई थी छत
आवंटियों के अनुसार पार्किंग स्लॉट पर सीजीआई शीट की छत बनाई गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया। वहीं, कंपनी ने अपनी दलील में कहा कि वर्ष 2025 का समझौता अंतिम था और सक्षम प्राधिकारी की आपत्ति के बाद सेटबैक क्षेत्र में बनाए गए शेड हटाए गए थे।
रेरा ने मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि बिक्री समझौतों में आवंटियों को भवन के भीतर स्वीकृत नक्शे के अनुसार कवर्ड पार्किंग उपलब्ध करवाने का प्रावधान था। इसलिए कंपनी को अपने समझौते की शर्तों का पालन करना होगा।
60 दिन में पार्किंग और जुर्माना जमा करने के आदेश
रेरा ने कंपनी को तीनों आवंटियों को 60 दिन के भीतर कवर्ड पार्किंग उपलब्ध करवाने और इतनी ही अवधि में कुल छह लाख रुपये का जुर्माना रेरा फंड में जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन नहीं करने पर कंपनी के खिलाफ रेरा अधिनियम की धारा 63 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। रेरा सदस्य विदुर मेहता ने बताया कि बिक्री समझौतों में दर्ज प्रावधानों के आधार पर यह आदेश पारित किया गया है।
विधायक बोले- फैसले को अदालत में देंगे चुनौती
वहीं, भाजपा विधायक और वर्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक बलबीर वर्मा ने कहा कि तीनों आवंटियों के आग्रह पर ही अपार्टमेंट के बाहर पार्किंग उपलब्ध करवाई गई थी। नगर निगम ने कवर्ड पार्किंग पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि रेरा के इस फैसले को सक्षम अदालत में चुनौती दी जाएगी।