
पांगी में 12.7 सेंटीमीटर हिमपात, कुकुमसेरी में पारा माइनस 5 डिग्री तक लुढ़का; पहाड़ों में बढ़ी ठंड
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नारकंडा के हाटू पीक सहित रोहतांग दर्रे, किन्नौर के छितकुल और चंबा जिले के पांगी व भरमौर की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है। वहीं, कई क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
लाहौल-स्पीति में शनिवार को मौसम बदलने के बाद रोहतांग दर्रे पर हल्की बर्फबारी हुई। अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से सिस्सू तक बर्फ के फाहे गिरे, जबकि कोकसर और डिंफुक में ओलावृष्टि हुई। लाहौल घूमने पहुंचे पर्यटक बर्फबारी देखकर उत्साहित नजर आए। किन्नौर जिले के छितकुल में भी शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बर्फबारी शुरू होने की सूचना मिली।
चंबा जिले के पांगी क्षेत्र में सचे जोत, सुसार हिल्स, हुड़ान और हिलौर की ऊंची चोटियों पर करीब 12.7 सेंटीमीटर ताजा हिमपात दर्ज किया गया। भरमौर क्षेत्र में श्री मणिमहेश, कुगती, चौबिया, तुदांह, बड़ाग्रा, सामरा और क्वारसी की चोटियों पर लगभग 5 सेंटीमीटर बर्फ गिरी। ठंड का असर लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में भी देखने को मिला, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
नारकंडा का हाटू पीक हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां बर्फबारी से सर्दियों के पर्यटन सीजन को लेकर पर्यटकों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, हाटू पीक पर बर्फबारी की मात्रा और सड़क की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 25 अक्तूबर को भी प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में ऊंचाई वाले इलाकों में जाने वाले पर्यटकों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। बर्फबारी के बाद पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।