
उत्तराखंड में सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत हल्द्वानी में प्रशासन ने एक और कार्रवाई की है। शनिवार सुबह राजपुरा क्षेत्र स्थित भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम परिसर में बनी मजार को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से निर्माण को हटाया। राज्य में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत इसे 604वीं कार्रवाई बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, FCI के राजपुरा स्थित गोदाम परिसर में बनी इस संरचना को हटाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से करीब दो सप्ताह पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के माध्यम से संबंधित पक्ष को निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय में संरचना नहीं हटाए जाने के बाद शनिवार सुबह प्रशासन ने कार्रवाई की। सिटी मजिस्ट्रेट और नगर आयुक्त की मौजूदगी में हुई कार्रवाई कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई और नगर आयुक्त परितोष वर्मा प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में मजार को ध्वस्त कराया गया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह निर्माण सरकारी गोदाम परिसर में स्थित था और इससे गोदाम की भंडारण क्षमता भी प्रभावित हो रही थी। प्रशासन ने पहले नोटिस देकर संबंधित पक्ष को स्वयं निर्माण हटाने का अवसर दिया था। इसके बावजूद निर्माण नहीं हटाए जाने पर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की गई। उत्तराखंड में अब तक 604 अवैध मजारों पर कार्रवाई उत्तराखंड सरकार की ओर से सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। हल्द्वानी के FCI परिसर में हुई ताजा कार्रवाई को इस अभियान की 604वीं कार्रवाई बताया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार के दौरान सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सरकार का कहना है कि सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चिह्नित निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की ओर से पहले नोटिस जारी करने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही ऐसे निर्माण हटाए जा रहे हैं। सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर जोर हल्द्वानी में FCI गोदाम परिसर में हुई इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण का मुद्दा चर्चा में है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि का उपयोग संबंधित विभागों के निर्धारित कार्यों के लिए सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में यह अभियान आगे भी जारी रहने की बात कही जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर नियमों के विरुद्ध किए गए निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड में सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत हल्द्वानी में प्रशासन ने एक और कार्रवाई की है। शनिवार सुबह राजपुरा क्षेत्र स्थित भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम परिसर में बनी मजार को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से निर्माण को हटाया। राज्य में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत इसे 604वीं कार्रवाई बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, FCI के राजपुरा स्थित गोदाम परिसर में बनी इस संरचना को हटाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से करीब दो सप्ताह पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के माध्यम से संबंधित पक्ष को निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय में संरचना नहीं हटाए जाने के बाद शनिवार सुबह प्रशासन ने कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई और नगर आयुक्त परितोष वर्मा प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में मजार को ध्वस्त कराया गया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह निर्माण सरकारी गोदाम परिसर में स्थित था और इससे गोदाम की भंडारण क्षमता भी प्रभावित हो रही थी।
प्रशासन ने पहले नोटिस देकर संबंधित पक्ष को स्वयं निर्माण हटाने का अवसर दिया था। इसके बावजूद निर्माण नहीं हटाए जाने पर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की गई।
उत्तराखंड सरकार की ओर से सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। हल्द्वानी के FCI परिसर में हुई ताजा कार्रवाई को इस अभियान की 604वीं कार्रवाई बताया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार के दौरान सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
सरकार का कहना है कि सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चिह्नित निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की ओर से पहले नोटिस जारी करने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही ऐसे निर्माण हटाए जा रहे हैं।
हल्द्वानी में FCI गोदाम परिसर में हुई इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण का मुद्दा चर्चा में है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि का उपयोग संबंधित विभागों के निर्धारित कार्यों के लिए सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है।
प्रदेश में यह अभियान आगे भी जारी रहने की बात कही जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर नियमों के विरुद्ध किए गए निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जाएगी।