
धर्मशाला। 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को धर्मशाला में वीर शहीदों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया गया। वार मेमोरियल धर्मशाला और उपायुक्त कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में सेना के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने अमर बलिदानियों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।
वार मेमोरियल धर्मशाला में आयोजित मुख्य समारोह में 9 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) लेफ्टिनेंट जनरल आकाश जौहर (एवीएसएम) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर जवान ज्योति प्रज्वलित की। इस दौरान सेना के जवानों ने शहीदों को सलामी दी और पूरे वातावरण में देशभक्ति का भाव दिखाई दिया।
कार्यक्रम में श्रीलंका में ऑपरेशन पवन के दौरान अपनी टांग गंवाने वाले सेना मेडल विजेता कर्नल जे.जे. स्मिथ ने भी वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वार मेमोरियल डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष कर्नल केकेएस डढवाल ने मुख्य अतिथि को स्मारक के इतिहास की जानकारी दी। इस अवसर पर डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देशवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का दिन है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान की बदौलत ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं।
उधर, उपायुक्त कार्यालय परिसर में सहायक आयुक्त विवेक चौहान के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने की शपथ भी ली।
विवेक चौहान ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में अद्भुत वीरता का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि कांगड़ा की वीर भूमि का भारतीय सेना में योगदान सदैव गौरवपूर्ण रहा है और यहां के वीर सैनिकों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने वीर शहीदों के अदम्य साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। 🇮🇳