
हरियाणा में मानसूनी हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ने से मौसम का मिजाज बदल गया है। मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में भारी कमी आई है। बारिश थमने से कई इलाकों में गर्मी और उमस बढ़ गई है। हिसार में अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, आज हरियाणा के सिर्फ तीन उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, कैथल, जींद, हिसार, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल और नूंह समेत बाकी जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। 🌡️ मानसून ब्रेक से चढ़ा तापमान बारिश की गतिविधियां कम होने का असर प्रदेश के तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। हरियाणा में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। हिसार में पारा 38.7°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक है। इसके अलावा भिवानी में 37.5°C, नूंह में 37°C, नारनौल में 36.5°C और रोहतक में 35.9°C अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। दोपहर के समय तेज गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हिसार में गर्मी का असर सड़कों पर भी देखने को मिला और दोपहर के समय कई जगह आवाजाही अपेक्षाकृत कम नजर आई। 🌦️ 1 सितंबर से फिर बदल सकता है मौसम कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार के अनुसार 31 अगस्त तक हरियाणा में बारिश की गतिविधियां सुस्त रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम मुख्य रूप से परिवर्तनशील बना रहेगा। हालांकि, 1 से 3 सितंबर के बीच मानसूनी हवाओं में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके चलते प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश होने के आसार हैं। यानी अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस के बाद सितंबर की शुरुआत में मौसम फिर करवट ले सकता है। 🌾 किसानों के लिए एडवाइजरी बदलते मौसम को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए भी सलाह जारी की है। अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश की संभावना को देखते हुए फसलों में सिंचाई और कृषि रसायनों यानी पेस्टिसाइड्स का छिड़काव फिलहाल रोकने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही वातावरण में अधिक आर्द्रता के कारण फसलों में रस चूसक कीटों, जैसे सफेद मक्खी और जेसिड, के साथ गुलाबी सुंडी तथा धान में रूट वीविल के प्रकोप की आशंका जताई गई है। किसानों को नियमित रूप से फसलों की निगरानी करने की सलाह दी गई है। 🐄 पशुओं और पोल्ट्री को उमस से बचाने की सलाह अत्यधिक उमस को देखते हुए पशुपालकों और पोल्ट्री संचालकों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है। पशुशालाओं और पोल्ट्री फार्म में पंखे और एग्जॉस्ट के जरिए पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि घुटन जैसी स्थिति पैदा न हो। पशुओं को पर्याप्त मात्रा में साफ पानी और हरा चारा देने की सलाह दी गई है। साथ ही उनकी खुराक में 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक मिलाने की सलाह दी गई है। 🌡️ रात के तापमान में मामूली गिरावट हरियाणा में न्यूनतम तापमान में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 0.3°C की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, रात का तापमान अभी भी सामान्य के आसपास या कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक बना हुआ है। प्रदेश में यमुनानगर का न्यूनतम तापमान 24.6°C दर्ज किया गया, जो सबसे कम रहा। वहीं अंबाला में 26.4°C, करनाल में 25.8°C, हिसार में 26.6°C, नारनौल में 27°C, सिरसा में 27.6°C और रोहतक में 28.4°C न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। रोहतक का न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 2.8°C अधिक रहा। 📌 कुल मिलाकर फिलहाल हरियाणा में मानसून की रफ्तार धीमी है और बारिश की कमी से गर्मी व उमस बढ़ गई है। हिसार 38.7°C के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। 31 अगस्त तक मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन 1 से 3 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।