
गौतमबुद्ध नगर। जिले में स्वाइन फ्लू और डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वाइन फ्लू के 20 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 140 हो गई है। लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है। स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सूखी खांसी और गले में दर्द शामिल हैं। कुछ मरीजों में कमजोरी, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।
चिकित्सकों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। लगातार तेज बुखार या खांसी रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू की पहचान के लिए रैपिड एंटीजन किट से निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। इसका उद्देश्य संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है।
स्वाइन फ्लू के साथ-साथ जिले में डेंगू को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू और डेंगू के कुछ शुरुआती लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, इसलिए बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के खुद से दवा लेने से बचना चाहिए।
बुखार होने पर पर्याप्त आराम और तरल पदार्थों का सेवन करने तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार लेने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है। कूलर, गमले, छत और अन्य स्थानों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने और हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। बुखार, खांसी, गले में दर्द या असामान्य कमजोरी जैसे लक्षण होने पर जांच में देरी न करने की सलाह दी गई है।