
बाहरी दिल्ली। नरेला में Mercedes कार की टक्कर से 70 वर्षीय उर्मिला देवी की मौत के मामले में अब मृतका के परिजनों ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतका के बेटे प्रमोद भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई में कथित तौर पर देरी हुई, जिससे परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिजनों के मुताबिक हादसे के बाद परिवार के सदस्य खुद उर्मिला देवी को अस्पताल लेकर गए। उनका आरोप है कि घटना के करीब दो घंटे तक पुलिस या प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। परिवार ने कई बार फोन करने के बाद पुलिस के पहुंचने की बात कही है।
मृतका के बेटे प्रमोद भारद्वाज का कहना है कि हादसे के करीब 36 घंटे बाद तक पुलिस ने परिवार के बयान दर्ज नहीं किए थे। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी मां का अंगदान कराना चाहता था, लेकिन समय पर जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण केवल उनकी आंखें ही दान की जा सकीं।
परिवार का आरोप है कि पुलिस की कथित देरी के कारण उन्हें अंगदान की प्रक्रिया में भी परेशानी हुई।
परिजनों ने हादसे की जांच में शराब से जुड़े पहलू को लेकर भी सवाल उठाए हैं। प्रमोद भारद्वाज का दावा है कि घटनास्थल से शराब की बोतल मिलने की बात सामने आई थी। वहीं कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कथित तौर पर चालक के नशे में होने की बात कही थी।
परिवार ने अल्कोहल टेस्ट की रिपोर्ट को लेकर भी संदेह जताया है। उनका आरोप है कि ब्लड सैंपल की जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे।
परिजनों के मुताबिक आरोपी को जमानत मिल चुकी है, जबकि परिवार अभी भी इस हादसे से सदमे में है। मृतका के बेटे ने मांग की है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करे और मेडिकल तथा फोरेंसिक साक्ष्यों की गंभीरता से जांच की जाए।
परिवार ने कहा है कि यदि जांच में आरोपी की लापरवाही या अन्य कोई अपराध साबित होता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रमोद भारद्वाज ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही नहीं बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि मेडिकल, फोरेंसिक और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।
फिलहाल परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच और मेडिकल-फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।