
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। लाल किले और उसके आसपास इस बार सुरक्षा का दायरा पहले की तुलना में ज्यादा व्यापक और हाईटेक बनाया गया है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ-साथ जमीन पर भी कड़ी निगरानी रखेंगी।
लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, एनएसजी, एनडीआरएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए जाएंगे। कुल मिलाकर करीब 15 हजार से 20 हजार जवानों की तैनाती की तैयारी है। इसके अलावा क्विक रिस्पॉन्स टीम, स्नाइपर, हिट टीम और वॉचटावर से निगरानी करने वाले जवान भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगे।
लाल किले और आसपास के इलाकों में 1000 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जाएगी। कैमरों की लाइव फीड के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां से सुरक्षा अधिकारी 24 घंटे निगरानी करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और फेस रिकॉग्निशन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इससे संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की पहचान करने में सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिलेगी।
सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को 200 से अधिक बॉडी वार्न कैमरों से लैस किया जाएगा। वहीं भीड़ की संख्या पर नजर रखने के लिए हेडकाउंट कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
लाल किले के पांच पार्किंग क्षेत्रों में वाहनों की जांच के लिए अंडर-व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) लगाया जाएगा। इसके जरिए वाहनों के नीचे छिपाई गई संदिग्ध वस्तुओं, विस्फोटकों या हथियारों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में सादे कपड़ों में निगरानी दल भी तैनात करने की तैयारी की है। इसके अलावा रात में गश्त और पैदल पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
दिल्ली पुलिस की साइबर टीमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर रखेंगी। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ सामग्री या शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाली ऑनलाइन गतिविधि की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने 16 अगस्त तक राजधानी के आसमान में ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडर, हैंग ग्लाइडर, हॉट एयर बैलून और अन्य रिमोट संचालित हवाई प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध 2 अगस्त से लागू है।
सुरक्षा व्यवस्था में अभिज्ञान ऐप का भी इस्तेमाल किया जाएगा। नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम से जुड़े इस प्लेटफॉर्म की मदद से पुलिसकर्मी स्मार्टफोन और पोर्टेबल बायोमेट्रिक स्कैनर के जरिए संदिग्ध व्यक्ति की पहचान तुरंत सत्यापित कर सकेंगे।
इससे किसी व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर पुलिस को मौके पर ही जानकारी मिल सकेगी। अधिकारियों के अनुसार यह सिस्टम सुरक्षित लॉगिन और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से लैस है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए लाल किले और आसपास के पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया है। आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी, ड्रोन डिटेक्शन, बायोमेट्रिक पहचान और भारी सुरक्षा बल की तैनाती के जरिए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।