
चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होने की दिशा में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
अधिकरण ने पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) की वर्ष 2019 से लंबित पदोन्नति सूची को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि चंडीगढ़ पुलिस के पात्र अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति देने की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए।
यह फैसला न्यायिक सदस्य रमेश सिंह ठाकुर और प्रशासनिक सदस्य राजेश शर्मा की पीठ ने सुनाया। मामला वर्ष 2019 में डीएसपी अधिकारियों द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था, जिसमें पदोन्नति प्रक्रिया में देरी को चुनौती दी गई थी।
याचिका में कहा गया था कि चंडीगढ़ पुलिस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्तर के पदों के लिए भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी, जबकि अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को यह सुविधा उपलब्ध हो चुकी थी। उन्होंने इसे भेदभाव बताते हुए चंडीगढ़ पुलिस अधिकारियों के साथ अन्याय बताया।
चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने जवाब में कहा कि गृह मंत्रालय के निर्देशों और नई नियमावली के कारण प्रक्रिया में देरी हुई। हालांकि अधिकरण ने माना कि प्रशासनिक देरी के कारण अधिकारियों को नुकसान नहीं उठाना पड़ सकता।
कैट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण किसी अधिकारी के वैधानिक अधिकार प्रभावित नहीं किए जा सकते। आदेश के बाद चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों में खुशी का माहौल है।