
मनीमाजरा थाना पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दर्शनी बाग निवासी एक कारोबारी के घर से केंद्रीय बैंक के लॉकर से लगभग साढ़े सात लाख रुपये मूल्य का पांच तोले का सोने का हार और 40 हजार रुपये नकद चोरी होने के बावजूद कई दिन बीत जाने पर भी पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध युवतियों की तस्वीरें और उनके बारे में अहम जानकारी देने के बाद भी कार्रवाई केवल जांच तक सीमित है।
दर्शनी बाग निवासी आशीष शर्मा ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से दिल्ली का एक फ्लैट छोड़कर चंडीगढ़ में कारोबार कर रहे हैं। हाल ही में वे रायपुर रानी में एक प्लॉट देखने गए थे। इसी दौरान उन्होंने पांच तोले का सोने का हार बेचने का फैसला किया था। इस संबंध में उनकी एक ज्वेलर से बातचीत भी हो चुकी थी।
16 जुलाई को दोपहर वे घर पर अलमारी से हार और 40 हजार रुपये निकालकर अपने बेड पर रखकर कुछ मिनट के लिए बाथरूम चले गए। उस समय उनकी मां मंदिर गई हुई थीं। लगभग पांच मिनट बाद जब वह लौटे तो बेड पर रखा हार और नकदी दोनों गायब थे।
घटना के तुरंत बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में दो युवतियां घर में प्रवेश करती और कुछ देर बाद बाहर निकलती दिखाई देती हैं। उनके आने और जाने का समय भी स्पष्ट नजर आता है। आशीष का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने मनीमाजरा थाना पुलिस को सूचना दी थी।
पीड़ित का आरोप है कि पुलिस की सुस्त कार्रवाई के कारण उन्हें खुद संदिग्ध युवतियों की तलाश करनी पड़ी। उन्होंने दोनों महिलाओं का सुराग भी लगा लिया और इसकी जानकारी पुलिस को दी, लेकिन इसके बावजूद न तो उन्हें हिरासत में लिया गया और न ही अब तक मामला दर्ज किया गया।