चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठक में 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के समापन पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अनेक विषयों पर चर्चा हुई। इनमें टीबी रिसर्च नेटवर्क को मजबूत करना, डिजिटल हेल्थ सिस्टम का विस्तार और पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देना प्रमुख रहे। केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि विकासशील देशों के पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को वैज्ञानिक आधार पर दुनिया स्वीकार कर रही है। पिछले एक दशक में आयुष उत्पादों के निर्यात में लगभग दस गुना वृद्धि हुई है।
बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए देशों के बीच ज्ञान, अनुभव और आधुनिक तकनीकों का आदान-प्रदान आवश्यक है। संक्रमण, टीबी, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, महामारी से निपटने की तैयारियां, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, किफायती दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर भी व्यापक चर्चा हुई।
प्रतिनिधियों ने माना कि भविष्य में तकनीकी सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकता है। बैठक में सदस्य देशों ने चिकित्सा अनुसंधान, स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण और नवाचार के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी नीतियों, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और सफल अनुभवों को साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।