
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार उर्फ संजय आजाद से कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस की एक दिन की हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। शनिवार को उन्हें कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर स्थित संबंधित न्यायाधीश के आवास पर पेश किया गया, जहां से अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की।
यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान 14 वर्षीय सीजेपी कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय आजाद के साथ मारपीट की थी।
स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस हिरासत में भेजे जाने के बाद शनिवार को हिंदूवादी संगठनों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए मामले में एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने स्वतंत्र भारद्वाज के पक्ष में नारेबाजी की और उनकी हिरासत का विरोध किया।
मामले के बीच स्वतंत्र भारद्वाज का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो में वह कथित तौर पर संजय आजाद के साथ मारपीट करने की बात करते हुए सुनाई दे रहा है। वीडियो में संजय को सिर में गंभीर चोट लगने और टांके आने का दावा भी किया गया था।
हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कथित वीडियो में भारद्वाज जंतर-मंतर पर संजय आजाद का सिर फोड़ने की बात करते हुए इसे भारतीय दंड संहिता की धारा 307 से जोड़ते सुनाई देते हैं। वह वीडियो में दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और चिराग पासवान को अपना बड़ा भाई जैसा बताते हुए भी नजर आता है।
विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने पॉडकास्ट में दिए अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान को अपना भाई बताने वाली बात उन्होंने व्यंग्य में कही थी।
जंतर-मंतर पर मारपीट के आरोपों को लेकर भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने प्रशासन का सहयोग करने की बात भी कही।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जुलाई में जंतर-मंतर पर संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में की गई है।
स्वतंत्र भारद्वाज मूल रूप से बिहार के दरभंगा के रहने वाले बताए जाते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश के बाद वह दिल्ली आए। वह खुद को हिंदूवादी कार्यकर्ता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताते हैं। जंतर-मंतर की घटना और बाद में दिए गए पॉडकास्ट बयान के बाद वह चर्चा में आए।