
केरल हाईकोर्ट ने भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली में आधार आधारित ओटीपी सत्यापन को सही ठहराते हुए कहा है कि यह किसी भी व्यक्ति के निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं करता। अदालत ने माना कि यह व्यवस्था फर्जी, बल्क और हेरफेर वाली टिकट बुकिंग पर रोक लगाने के लिए जरूरी है।
मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति वी.एम. श्याम कुमार की खंडपीठ ने कहा कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए आधार साझा करना अनिवार्य नहीं है और यह प्रमाणीकरण वैकल्पिक है। अदालत ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में आधार के साथ-साथ PAN कार्ड आधारित OTP सत्यापन को भी विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि तत्काल टिकट प्रणाली में आधार सत्यापन का उद्देश्य वास्तविक यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराना और दलालों तथा फर्जी बुकिंग पर अंकुश लगाना है। इसलिए यह व्यवस्था उचित और जनहित में है।