बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई है। लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहे क्षेत्रवासियों में इससे बेचैनी बढ़ गई है।
गुरुवार को मामले की सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन केस सूची में 208वें नंबर पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
सुनवाई को देखते हुए हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। इज्जतनगर से आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त मोहम्मद असलम सहित अन्य अधिकारियों ने स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। हालांकि सुनवाई नहीं होने के बाद अधिकारी वापस लौट गए।
यह मामला हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से सटे बनभूलपुरा क्षेत्र की करीब 31 हेक्टेयर रेलवे भूमि से जुड़ा है। रेलवे इस भूमि पर अपना दावा करता है, जबकि यहां लंबे समय से हजारों परिवार रह रहे हैं। क्षेत्र में लगभग 4,365 घर हैं, जिनमें करीब 50 हजार लोगों की आबादी निवास करती है। यहां कई धार्मिक स्थल, सरकारी स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र भी मौजूद हैं।
बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामला करीब दस वर्षों से न्यायालयों में विचाराधीन है। पहले यह मामला हाई कोर्ट में था, जिसके बाद इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि फैसला उनके पक्ष में आता है तो हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के विस्तार का रास्ता साफ होगा।
वहीं, क्षेत्रवासियों की ओर से याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन एक बार फिर तारीख आगे बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। अब सभी की नजर अगली सुनवाई की तारीख पर टिकी हुई है।