
धर्मशाला/कांगड़ा: करवाचौथ का त्योहार नजदीक आते ही धर्मशाला और कांगड़ा के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। महिलाएं व्रत की तैयारियों के लिए चूड़ियां, शृंगार सामग्री और पूजा की थालियां खरीदने पहुंच रही हैं, लेकिन इस बार बढ़ती कीमतों ने खरीदारी का बजट प्रभावित किया है। बाजार में शृंगार सामग्री के दाम करीब 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़े हैं, जबकि मेटल की चूड़ियां लगभग 25 प्रतिशत तक महंगी हो गई हैं।
करवाचौथ पर सोलह शृंगार का विशेष महत्व है। ऐसे में महिलाएं अपनी पसंद और बजट के अनुसार सामान खरीद रही हैं। बाजार में कांच की चूड़ियों के सेट 50 से 500 रुपये तक उपलब्ध हैं, जबकि मेटल की चूड़ियों के सेट 150 से 1,000 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं, पूजा की थाली के सेट 250 से 400 रुपये तक मिल रहे हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी के बीच महिलाएं खरीदारी के दौरान सामान की गुणवत्ता, डिजाइन और दाम की तुलना कर रही हैं। कई महिलाएं कांच की चूड़ियों को प्राथमिकता दे रही हैं, जबकि कुछ ऐसे डिजाइन पसंद कर रही हैं, जिन्हें करवाचौथ के बाद भी दूसरे अवसरों पर पहना जा सके। दुकानदार भी ग्राहकों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग कीमतों में विकल्प उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहे हैं।
धर्मशाला के कचहरी बाजार की दुकानदार सोनम बंसल के अनुसार, शृंगार सामग्री और चूड़ियों की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद वह मुनाफा कम करके ग्राहकों को पुराने दामों के आसपास सामान उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रही हैं।
वहीं, जवाली की दुकानदार पूजा डढवाल ने बताया कि मेटल की चूड़ियों की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक उछाल आया है। ऐसे में उन्होंने ग्राहकों को बजट के अनुसार विकल्प देने के लिए कांच की चूड़ियों की अधिक वैरायटी रखी है।
कीमतें बढ़ने के बावजूद महिलाओं में करवाचौथ को लेकर उत्साह बना हुआ है। नवविवाहिता ममता देवी ने बताया कि वह खरीदारी कर चुकी हैं और त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं, रोशनी देवी ने कहा कि उनकी तैयारियां पूरी हैं और वह पूरी श्रद्धा के साथ निर्जला व्रत रखेंगी।
कांगड़ा के व्यापारियों को करवाचौथ से लेकर धनतेरस और दीपावली तक बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। व्यापारियों के मुताबिक, नवरात्र के बाद बाजार में कारोबार कुछ धीमा हुआ है। अब त्योहारी सीजन से बिक्री में तेजी आने की आस है।
व्यापारी शंकर गुप्ता, जीतू सैनी, श्याम वर्मा और सपना चौधरी ने भी उम्मीद जताई कि आने वाले त्योहारों के दौरान कांगड़ा के बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी। कांगड़ा आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां लोग कपड़े, किराना, आभूषण, मिठाइयां और पूजा सामग्री खरीदने पहुंचते हैं। ऐसे में करवाचौथ से दीपावली तक कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है।