
न जोधपुर जाने का रिकॉर्ड मिला, न प्रतियोगिता में पंजीकरण; चौथा स्थान हासिल करने का दावा भी सवालों के घेरे में, तकनीकी शिक्षा विभाग की कमेटी करेगी जांच
हमीरपुर। सेना के लिए ड्रोन विकसित करने के नाम पर 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग मंजूर होने का दावा करने वाले छात्र सर्वेश शर्मा का मामला लगातार उलझता जा रहा है। अब इस प्रकरण में नया खुलासा हुआ है। आईआईटी जोधपुर के जनसंपर्क विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्वेश शर्मा का 17 और 18 जुलाई को आयोजित ड्रोन प्रतियोगिता में कोई पंजीकरण नहीं मिला है। ऐसे में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने और चौथा स्थान हासिल करने के उसके दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, आईआईटी जोधपुर और कोणार्क कोर की ओर से यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। सर्वेश ने इसमें भाग लेने और चौथा स्थान हासिल करने का दावा किया था। लेकिन अब आईआईटी की ओर से उसकी भागीदारी से इनकार किए जाने के बाद पूरे मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है।
इस प्रकरण में संस्थान के प्राचार्य चंद्रशेखर और सर्वेश के पिता संजीव शर्मा के बयानों में भी अंतर सामने आया है। प्राचार्य के अनुसार, सर्वेश ने उन्हें बताया था कि वह ट्रेन से जोधपुर जाकर प्रतियोगिता में शामिल हुआ था। वहीं, पिता का कहना है कि बेटे ने ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग लेने की जानकारी दी थी। पिता के मुताबिक, सर्वेश स्वयं जोधपुर नहीं गया था।
डीआईओ को ईमेल भेजकर की थी साइबर ठगी की शिकायत
सर्वेश ने 27 अक्तूबर को डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन (डीआईओ) को ईमेल भेजकर साइबर ठगी की शिकायत की थी। इसमें उसने अनुबंध और प्रतियोगिता में चौथा स्थान मिलने के प्रमाणपत्र का उल्लेख किया था। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सर्वेश किन लोगों के संपर्क में था और उसे प्रतियोगिता तथा फंडिंग से जुड़े दस्तावेज किसने उपलब्ध करवाए।
इसके अलावा कंपनी के पंजीकरण, डीआईओ के साथ हुए पत्राचार, व्हाट्सएप ग्रुप में साझा संदेशों और 3.5 करोड़ रुपये की फंडिंग मंजूर होने के दावे के आधार की भी पड़ताल की जाएगी। फिलहाल यह आशंका जताई जा रही है कि छात्र साइबर ठगों के जाल में फंसा हो सकता है। हालांकि, ठगी किसने और किस तरीके से की, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
तकनीकी शिक्षा विभाग की कमेटी करेगी जांच
मामले की जांच के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से गठित कमेटी मंगलवार को राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बड़ू पहुंच सकती है। कमेटी को पूरे प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।
उधर, संस्थान के प्राचार्य चंद्रशेखर ने बताया कि कमेटी मंगलवार को संस्थान आएगी। उन्होंने कहा कि सर्वेश ने उन्हें जोधपुर जाकर प्रतियोगिता में शामिल होने की बात बताई थी, लेकिन वह अधिक जानकारी साझा नहीं करता था। प्राचार्य के अनुसार, सर्वेश का बेहतर उपचार करवाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उसके पिता ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार है, लेकिन फिलहाल वह केवल तरल पदार्थ ले पा रहा है और जबड़े की सर्जरी अभी नहीं हुई है।