तिब्बती धर्मगुरु 14वें दलाई लामा को मानवता की सेवा, करुणा, आपसी एकता और विश्व शांति के लिए किए गए अतुलनीय प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित मेट्रोपॉलिटन क्राइसोस्टोमोस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वाशिंगटन नेशनल कैथेड्रल में बुधवार पिछले दिन आयोजित ऑक्सी डे फाउंडेशन के 15वें वार्षिक ऑक्सी साहस पुरस्कार समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। दलाई लामा को यह पुरस्कार मानवता के प्रति उनके आजीवन समर्पण और शांति की स्थापना के लिए अहिंसक रास्ते पर अडिग रहने के प्रयासों के लिए दिया गया। उनकी ओर से प्रतिनिधि नामग्याल छोडुप ने समारोह में पुरस्कार स्वीकार किया और उनका संदेश भी प्रस्तुत किया। इस वर्ष ऑक्सी साहस पुरस्कार से यूक्रेनी पत्रकार विक्टोरिया रोशचिना और ईरानी रैपर तोमाज सालेही को भी सम्मानित किया गया। विक्टोरिया को रूसी जेलों में होने वाले अत्याचारों को उजागर करने के लिए मरणोपरांत सम्मान दिया गया। दलाई लामा ने अपने संदेश में कहा कि शांति और सद्भाव की आवश्यकता को समझना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन्हें स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाने भी जरूरी हैं। कहा कि उन्होंने सदैव करुणा, सहृदयता और सहिष्णुता को बढ़ावा दिया है। उनका मानना है कि विश्व शांति का मार्ग इन्हीं मानवीय मूल्यों से होकर गुजरता है।
तिब्बती धर्मगुरु 14वें दलाई लामा को मानवता की सेवा, करुणा, आपसी एकता और विश्व शांति के लिए किए गए अतुलनीय प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित मेट्रोपॉलिटन क्राइसोस्टोमोस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वाशिंगटन नेशनल कैथेड्रल में बुधवार पिछले दिन आयोजित ऑक्सी डे फाउंडेशन के 15वें वार्षिक ऑक्सी साहस पुरस्कार समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। दलाई लामा को यह पुरस्कार मानवता के प्रति उनके आजीवन समर्पण और शांति की स्थापना के लिए अहिंसक रास्ते पर अडिग रहने के प्रयासों के लिए दिया गया। उनकी ओर से प्रतिनिधि नामग्याल छोडुप ने समारोह में पुरस्कार स्वीकार किया और उनका संदेश भी प्रस्तुत किया। इस वर्ष ऑक्सी साहस पुरस्कार से यूक्रेनी पत्रकार विक्टोरिया रोशचिना और ईरानी रैपर तोमाज सालेही को भी सम्मानित किया गया। विक्टोरिया को रूसी जेलों में होने वाले अत्याचारों को उजागर करने के लिए मरणोपरांत सम्मान दिया गया। दलाई लामा ने अपने संदेश में कहा कि शांति और सद्भाव की आवश्यकता को समझना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन्हें स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाने भी जरूरी हैं। कहा कि उन्होंने सदैव करुणा, सहृदयता और सहिष्णुता को बढ़ावा दिया है। उनका मानना है कि विश्व शांति का मार्ग इन्हीं मानवीय मूल्यों से होकर गुजरता है।