
धर्मपुर (मंडी)। ग्राम पंचायत दबरोट की ग्राम सभा में जनहित, सामाजिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। बैठक में नशे की रोकथाम, बाहरी मजदूरों के पुलिस सत्यापन, कबाड़ कारोबार और फेरी लगाने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। ग्राम सभा ने इन विषयों पर सख्त नियम लागू करने का निर्णय लिया।
ग्राम सभा ने पंचायत क्षेत्र में नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष कमेटी गठित करने का फैसला लिया। प्रस्ताव के अनुसार यदि कोई व्यक्ति नशे के कारोबार में संलिप्त पाया जाता है तो उस पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसमें 5,000 रुपये तत्काल जमा कराने होंगे, जबकि शेष राशि एक माह के भीतर पंचायत में जमा करनी होगी। आवश्यकता पड़ने पर कमेटी की सिफारिश पर जुर्माने की राशि बढ़ाई भी जा सकेगी।
ग्राम सभा ने निर्णय लिया कि पंचायत की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति पंचायत क्षेत्र में कबाड़ खरीदने या एकत्र करने का कार्य नहीं कर सकेगा। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में फेरी लगाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया।
पंचायत क्षेत्र में रहने वाले सभी बाहरी (रियासती) मजदूरों का पुलिस सत्यापन करवाना अनिवार्य किया गया है। सत्यापन की प्रति 20 अगस्त तक पंचायत कार्यालय में जमा करनी होगी। नियमों का पालन नहीं करने वाले मकान मालिकों पर 5,000 से 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
ग्राम सभा ने यह भी निर्णय लिया कि पंचायत क्षेत्र में हिजड़ों को स्वेच्छा से दी जाने वाली राशि 1,100 रुपये से अधिक नहीं होगी।
ग्राम सभा का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य पंचायत क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करना, नशे पर रोक लगाना और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पंचायत ने सभी लोगों से इन नियमों का पालन करने की अपील की है।