
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-पांगी सीमा पर हुए भीषण भूस्खलन हादसे ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली उदयपुर के छालिंग गांव की सोनम आगमो और उनकी छह माह की मासूम बेटी की मार्मिक कहानी हर किसी की आंखें नम कर रही है।
जानकारी के अनुसार, सोनम आगमो अपनी छह माह की बेटी को गोद में लेकर अपने मायके परमार गांव (पंचायत भटोरी) जा रही थीं। लाहौल-पांगी सीमा पर कडू नाला के पास अचानक पहाड़ी दरकने से भारी चट्टानें और मलबा टैक्सी पर आ गिरा। हादसे में मां-बेटी समेत कई लोग मलबे में दब गए।
घंटों की मशक्कत के बाद जब राहत एवं बचाव दल ने मलबा हटाया तो सामने आया दृश्य सभी को भावुक कर गया। सोनम अपनी मासूम बेटी को सीने से कसकर लगाए हुए थीं। मौत भी मां की ममता को बेटी से अलग नहीं कर सकी।
हादसे के बाद दोनों के शव उनके पैतृक गांव छालिंग लाए गए, जहां मां और बेटी की एक साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। परिजनों के विलाप और ग्रामीणों की नम आंखों ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया।
इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों का शनिवार को उनके पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार किया गया। आरसी पांगी अमनदीप सिंह के अनुसार, सभी मृतकों का अंतिम संस्कार चंद्रभागा नदी के किनारे पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।