
शिमला/किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के पूह उपमंडल स्थित शिपकी ला व्यापार मार्ग से भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार 1 अगस्त से एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 में बंद हुआ यह ऐतिहासिक व्यापार मार्ग करीब छह साल बाद दोबारा खुल रहा है। इस अवसर पर प्रदेश के बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी व्यापारिक गतिविधियों का शुभारंभ करेंगे।
इस बार व्यापार केवल पूह खंड के स्थानीय पंजीकृत व्यापारियों तक सीमित रहेगा। अब तक करीब 60 व्यापारियों ने पंजीकरण कराया है, जबकि शुभारंभ के दिन 15 व्यापारियों का पहला दल तिब्बत के लिए रवाना होगा। सीमा व्यापार की शुरुआत छुप्पन ट्रेड मार्ट के उद्घाटन के साथ की जाएगी।
शिपकी ला मार्ग से केवल भारतीय व्यापारी ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चीन के तिब्बत क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे। उन्हें वहां 72 घंटे तक व्यापार करने की अनुमति होगी। व्यापारी भारतीय उत्पाद तिब्बत में बेचेंगे और वहां से सामान खरीदकर भारत लौटेंगे। इस व्यवस्था के तहत चीनी व्यापारी भारत नहीं आएंगे।
भारतीय व्यापारी शिपकी ला के रास्ते 20 प्रकार की वस्तुओं का निर्यात कर सकेंगे, जिनमें हथकरघा शॉल, कृषि उपकरण और आयुर्वेदिक दवाइयां प्रमुख हैं। वहीं चीन से 35 प्रकार की वस्तुओं का आयात किया जाएगा, जिनमें जूते, याक ऊन और पश्मीना ऊन शामिल हैं। भविष्य में मांग के अनुसार इस सूची में बदलाव भी किया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि शिपकी ला व्यापार मार्ग के दोबारा खुलने से किन्नौर के स्थानीय व्यापारियों को नए आर्थिक अवसर मिलेंगे। साथ ही सीमा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और भारत-चीन सीमा व्यापार को भी नई मजबूती मिलेगी।