
चंबा। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पर लाहड़ के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे हिमाचल को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद सामने आया एक मार्मिक दृश्य राहत एवं बचाव दल के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आंखें भी नम कर गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान जब बचाव दल दुर्घटनाग्रस्त कार तक पहुंचा तो मां रिंपी अपने तीन माह के मासूम बेटे को सीने से लगाए हुई थीं। भीषण हादसे के बावजूद उनकी बाहों की पकड़ ढीली नहीं हुई थी। ऐसा लग रहा था मानो वह अपने अंतिम क्षण तक अपने बच्चे को सुरक्षित रखने की कोशिश करती रहीं। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और इस दर्दनाक हादसे में मां और बेटे दोनों की जान नहीं बच सकी।
परिजनों के अनुसार, परिवार तीन माह के बच्चे का इलाज करवाकर पीजीआई चंडीगढ़ से अपने घर लौट रहा था। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि घर वापसी का यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। कुछ ही क्षणों में पूरा परिवार काल के गाल में समा गया।
रेस्क्यू अभियान में शामिल लोगों ने बताया कि मां और मासूम बेटे का यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया, बल्कि मां की ममता की ऐसी अमिट तस्वीर छोड़ दी, जिसने पूरे चंबा जिले को गहरे शोक में डुबो दिया।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता की याद दिलाता है।