
रिवालसर (मंडी): मंडी जिले की डहणू पंचायत ने नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। ग्रामसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तय किया गया कि चिट्टा तस्करों की सूचना देकर उनकी गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले व्यक्ति को पंचायत की ओर से 5100 रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाएगा।
पंचायत प्रधान देवेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित ग्रामसभा में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें खुशी के आयोजनों में ट्रांसजेंडर समुदाय को दिए जाने वाले नेग की अधिकतम राशि 1100 रुपये तय करने का फैसला भी शामिल है, ताकि मनमानी वसूली पर रोक लगाई जा सके।
ग्रामसभा ने श्मशान घाट में प्रचलित चोली (कफन का कपड़ा) चढ़ाने की परंपरा समाप्त करने का भी निर्णय लिया। इसके स्थान पर मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव पारित किया गया। पंचायत का मानना है कि कफन के रूप में हजारों रुपये मूल्य का कपड़ा जलाने के बजाय जरूरतमंद परिवार की मदद करना अधिक उपयोगी होगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंचायत क्षेत्र में रहने वाले सभी अप्रवासी लोगों और फेरीवालों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पंचायत की अनुमति के बिना क्षेत्र में पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पुलिस के हवाले किया जाएगा।
बैठक में लोक निर्माण विभाग की सड़कों, पेयजल योजनाओं और अन्य विकास कार्यों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। पंचायत प्रधान देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि ग्रामवासियों ने डहणू पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया है। बैठक में उपप्रधान आयुष कुमार, कैप्टन कमल किशोर, ओम प्रकाश, नेत्र सिंह, जितेंद्र, वीरेंद्र सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।