
शिमला। हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) और डीएनटी वर्ग के 34,088 विद्यार्थियों की छात्रवृत्तियां लंबित पड़ी हैं। इन विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान बैंक खातों की आधार सीडिंग नहीं होने के कारण नहीं हो पा रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए हैं कि सभी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों की 31 जुलाई 2026 तक 100 प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित की जाए।
उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अमित कुमार बनाम भारत संघ मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों को लंबित छात्रवृत्तियों का भुगतान चार माह के भीतर करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यार्थी की छात्रवृत्ति किसी कारण से जारी नहीं हो पाती है तो छात्र और संबंधित शिक्षण संस्थान को दो माह के भीतर कारणों सहित सूचना देना अनिवार्य होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि छात्रवृत्ति लंबित होने के कारण किसी भी विद्यार्थी को:
परीक्षा देने से नहीं रोका जा सकता।
छात्रावास से बाहर नहीं किया जा सकता।
कक्षाओं में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकता।
अंकतालिका या डिग्री नहीं रोकी जा सकती।
अदालत ने ऐसे मामलों में शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों, प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों, संस्थान प्रमुखों और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित विद्यार्थियों के बैंक खातों की आधार सीडिंग तुरंत पूरी करवाई जाए।
विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि लापरवाही के कारण पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिलती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
चार वर्षों के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक लंबित मामले पीएम-यशस्वी छात्रवृत्ति योजना में हैं।
PM-यशस्वी प्री-मैट्रिक: 11,311 मामले
PM-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक: 6,795 मामले
SC प्री-मैट्रिक: 9,578 मामले
SC पोस्ट-मैट्रिक: 3,162 मामले
वर्ष 2024-25 में कुल 15,078 छात्रवृत्ति मामले लंबित रहे। इनमें पीएम-यशस्वी प्री-मैट्रिक के 7,097 और पोस्ट-मैट्रिक के 4,367 मामले शामिल हैं।
वहीं वर्ष 2025-26 में अब तक 12,778 छात्रवृत्ति आवेदन केवल आधार सीडिंग नहीं होने के कारण लंबित हैं। इनमें:
SC प्री-मैट्रिक के 4,524 आवेदन
PM-यशस्वी प्री-मैट्रिक के 3,599 आवेदन
PM-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक के 1,665 आवेदन शामिल हैं।