
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), शिमला ने आगामी दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 29 जुलाई से 4 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 30 और 31 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। वहीं, प्रदेश के निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में 29 जुलाई से 4 अगस्त तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी आशंका जताई गई है।
लगातार बारिश के चलते प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका भी है। सड़कों पर फिसलन बढ़ने और दृश्यता कम होने से वाहन चालकों के लिए भी परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा, भारी बारिश का असर कृषि और बागवानी फसलों पर भी पड़ने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। पालमपुर में सबसे अधिक 13 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जोगिंद्रनगर में 11 सेंटीमीटर और कांगड़ा एयरो स्टेशन में 10 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग की ओर से जारी की जाने वाली एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतकर संभावित जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।