
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा और धूप खिली, लेकिन पिछले दिनों हुई भारी बारिश का असर अब भी प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। भूस्खलन और पहाड़ियों के दरकने का खतरा लगातार बना हुआ है।
चंबा जिले की सरोल पंचायत के घोलटी गांव में लगातार दूसरे दिन पहाड़ी से चट्टानें गिरती रहीं। इस दौरान एक विशाल चट्टान मकान की छत तोड़ते हुए घर के अंदर जा घुसी। राहत की बात यह रही कि परिवार ने मंगलवार को ही एहतियातन घर खाली कर दिया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
मौसम विभाग ने गुरुवार को चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि कुल्लू, शिमला, सिरमौर और किन्नौर में येलो अलर्ट रहेगा।
उधर, मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर कोटरोपी क्षेत्र में निर्माणाधीन फोरलेन के पास पहाड़ी फिर सक्रिय हो गई है। सड़क का हिस्सा धंस गया है और एक पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात बहाल कर दिया है, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।
प्रदेश में फिलहाल 110 सड़कें, 109 ट्रांसफार्मर और 43 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग भी दिनभर रुक-रुक कर बंद और बहाल होता रहा।
धर्मशाला में बस अड्डे के समीप हुए भूस्खलन से कांगड़ा कला संग्रहालय और बस अड्डे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं होशियारपुर रोड पर पेड़ गिरने से करीब आठ घंटे तक यातायात बाधित रहा।
कुल्लू के मणिकर्ण में लपास क्षेत्र के नाले में आई बाढ़ से एक कार बह गई, जबकि गुरुद्वारे के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक टैक्सी क्षतिग्रस्त हो गई। चालक सुरक्षित बच गया।
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो पिछले 24 घंटे में पालमपुर में सबसे अधिक 133 मिमी, कांगड़ा में 104 मिमी, सराहन में 35 मिमी, मनाली में 28 मिमी, भुंतर में 17 मिमी, धर्मशाला में 16 मिमी, सोलन में 14 मिमी और नाहन में 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई।